सोमवार, 14 दिसंबर 2015

नोबेल पुरस्कार nobel prize

 नोबेल पुरस्कार nobel prize

नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1901 से हुई है यह world का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है, जो स्वीडन सरकार द्वारा दिया जाता है । नोबेल पुरस्कार विजेताओं को पुरस्कार के रूप में 8 मिलियन क्रोना ( लगभग ₹ 7.6 करोड़ ) ,एक स्वर्ण पदक और डिप्लोमा प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार डायनामाइट के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार दिया जाता हैं। सन्  1886 में अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी मृत्यु के बाद अपनी वसीयत में अपने उद्योगों से प्राप्त वार्षिक आय पुरस्कार के रुप में दान कर दिया था। 1901 से यह पुरस्कार प्रतिवर्ष  10 दिसम्बर को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रदान किया जाता है।यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिनकी निम्न क्षेत्रों में विशेष योगदान रहा हो  ----
रसायन शास्त्र ( Chemistry)
भौतिकी ( Physics)
चिकित्सा ( Physiology or Medicine)
साहित्य ( literature)
विश्व शांति World Peace)
अर्थशास्त्र (Economics)
अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 1969 से दिया जाता है।
रसायन व भौतिकी के पुरस्कार स्वीडिश रॅायल  एकेडमी आँफ साइंस के द्वारा नामांकित किया जाता है। चिकित्सा के लिए कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट आँफ मेडिसिन,साहित्य के लिए स्वीडिश एकेडमी आँफ लिटरेचर एवं शांति के लिए नार्वेजियन नोबेल समिति के द्वारा नामांकित किये जाते हैं। पुरस्कारों के लिए राशि बोर्ड आँफ डायरेक्टर द्वारा उपलब्ध कराया जाता है,जिसका प्रमुख स्वीडन सरकार नियुक्त करती है।
नोबेल पुरस्कार प्राप्त भारतीय
रवीन्द्रनाथ टैगोर - साहित्य - 1913
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को नोबेल पुरस्कार इनकी प्रसिद्ध पुस्तक "गीतांजलि" के लिए 1913 में साहित्य के क्षेत्र में दिया गया था। वह प्रथम भारतीय ही नहीं बल्कि प्रथम एशियाई भी थे जिन्हें साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ।
डाँ. सी. वी. रमन - भौतिकी - 1930

डाँ चन्द्रशेखर वेंकटरमन को उनकी खोज "रमन प्रभाव" के लिए 1930 में भौतिकी के लिए दिया गया था। पहले भारतीय वैज्ञानिक जिन्हें भौतिकी में नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ।
डाँ  हरगोबिन्द खुराना - चिकित्सा - 1968
इन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में 1968 को उनकी खोज आनुवंशिक कोड की व्याख्या और प्रोटीन संश्लेषण में इसकी भूमिका का पता लगाने के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया।
मदर टेरेसा - शांति - 1979
अल्बानिया मूल की मदर टेरिसा को 1979 को  शांति का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। इन्होंने भारत में रहकर भारत के गरीब और पीड़ित व्यक्तियों की अभूतपूर्व मदद की थी। इनकी मृत्यु कोलकाता में हुई थी। इनकी संस्था आज भी लोगों की मदद कर रही है।
डाँ एस चन्द्रशेखर - भौतिकी - 1983

डाँ. सुब्रह्मण्यम चन्द्रशेखर खगोल भौतिक शास्त्री थे। इनके द्वारा 'व्हाइट ड्वार्फ' " श्वेत बौने" नामक नक्षत्रों का सिद्धांत का प्रतिपादन किया गया। इन नक्षत्रों की जो सीमा निर्धारित की उसे "चन्द्रशेखर सीमा" कहा जाता है। इसी सिद्धांत के लिए इन्हें 1983 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ।
प्रो. अमर्त्य सेन - अर्थशास्त्र - 1998
प्रो. अमर्त्य सेन  अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाले प्रथम एशियाई है।  इनके द्वारा "लोक कल्याणकारी अर्थशास्त्र" की अवधारणा का प्रतिपादन किया गया है।इस अवधारणा के लिए 1998 में इन्हें नोबेल पुरस्कार मिला।
वी. एस. नॅायपाल - साहित्य - 2001
विद्याधर सूरजप्रसाद नॅायपल का जन्म त्रिनिदाद एंड टोबैगो में हुआ था। इनके पूर्वजों का सम्बन्ध भारत से था। इन्हें 2001 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया।
आर. के. पचौरी - शांति - 2007
राजेंद्र पचौरी के जलवायु परिवर्तन पर किये शोध के लिए 2007 में जलवायु परिवर्तन के लिए बनी सयुक्त राष्ट्र की कमेटी के साथ संयुक्त रूप शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया।
वेंकटरमण रामकृष्णन - रसायन शास्त्र - 2009
रसायन शास्त्र के क्षेत्र में  डाँ. रामकृष्णन को 2009 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। इनके द्वारा राइबोसोम के त्रिविमीय (3D) मॅाडल को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया था।
कैलाश सत्यार्थी  2014

कैलाश सत्यर्थी द्वारा बच्चों के  लिए गए महत्वपूर्ण कार्य के लिए 2014 को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार उन्हें मलाला युसुफजाई के साथ संयुक्त रूप से दिया गया है।

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